हनुमान बेनीवाल के खिलाफ एक हुवे गहलोत और वसुंधरा - News Tadka

Wednesday, 25 September 2019

हनुमान बेनीवाल के खिलाफ एक हुवे गहलोत और वसुंधरा


हरेन्द्र मिर्धा होंगे दोनों के संयुक्त उम्मीदवार

जयपुर, इस लेख के शीर्षक से हमारी बात आपको अटपटी जरूर लग रही है, लेकिन सियासत में कौन किसके साथ हो जाये और कौन किसके विरोध में, यह कभी तय नहीं होता है।  यह सब तत्कालीन परिस्तिथियों के अनुसार होता है।  सियासत का यही खेल खींवसर उप चुनाव में खेला जाना तय हो चूका है।  जिसकी चर्चा सियासी गलियारों की उच्च चौपालों पर शुरू हो गई है। 

चर्चा यह है की खींवसर उप चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे में गोपनीय तौर एक राय बन गई है और वो राय है हनुमान बेनीवाल की पार्टी को चुनाव हरवाने और उसे सियासी हासिये पर लगाने की।  खबर है की भाजपा के समर्थन से इस सीट पर बेनीवाल अपना उम्मीदवार उतारेंगे और सामने कांग्रेस के उमीदवार के तौर पर पूर्व मंत्री हरेन्द्र मिर्धा को तैयार कर लिया गया है और गहलोत से उनकी नाराजगी भी दूर हो गई है।  इस खेल को जहाँ कांग्रेस एकजुट होकर खेलेगी , वहीँ भाजपा अधिकृत रूप से तो बेनीवाल के साथ होगी, लेकिन अंदरखाने वो कांग्रेसी उम्मीदवार का साथ देगी। 

खींवसर चुनाव में हरेन्द्र मिर्धा को जीताकर गहलोत अपने ऊपर से जाट विरोधी लगे दाग को धोना चाहते है, साथ ही वे बेनीवाल को पवैलियन भी लौटना चाहते है।  वहीँ वसुंधरा राजे की बला से कोई जीते या हारे लेकिन बेनीवाल जरूर हारना चाहिए, जिसके लिए उन्होंने भी अपना जाल बिछा दिया है।  अब असली तस्वीर तो परिणाम आने के बाद ही दिखाई देगी कि खींवसर में किसका सियासी तीर निशाने पर लगा।  


हनुमान बेनीवाल की जीवनी यहाँ पढ़े 

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